Endless play is on. When this Short ends, the next published Short starts automatically, cycling back to the beginning after the last item. If sound-on autoplay is blocked, press Play once.

Short Hindi Bhagavad Gita Sep 11, 2026

2. 51 Hindi फल छोड़ो, बंधन से मुक्त हो#BhagavadGita #श्लोक251 #कर्मयोग

[thoughtful] श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं—समझदार लोग अपना कर्म पूरी ईमानदारी से करते हैं, लेकिन उसके फल से खुद को बाँधकर नहीं रखते। वे हर समय यह नहीं सोचते कि मुझे क्या मिलेगा, मेरी कितनी प्रशंसा होगी या मेरा कितना फायदा होगा। इसी कारण वे सफलता के घमंड और असफलता के दुख—दोनों से धीरे-धीरे मुक्त हो जाते हैं। जब हमारा हर काम केवल पुरस्कार, नाम या लाभ के लिए होता है, तो मन हमेशा बेचैन रहता है। फल मिला तो उसे खोने का डर, और नहीं मिला तो निराशा। लेकिन जब काम सही उद्देश्य से किया जाए, तो मन को भीतर से शांति मिलती है। इसे Florence Nightingale के जीवन से समझिए। Crimean War के दौरान हजारों घायल सैनिक गंदे और असुरक्षित अस्पतालों में पड़े थे। उन्होंने रात-दिन उनकी सेवा की, अस्पतालों की सफाई सुधारी और इलाज की व्यवस्था बदली। उनका उद्देश्य प्रसिद्ध होना नहीं, लोगों की जान बचाना था। बाद में उनके काम ने आधुनिक nursing की नींव रखी और दुनिया भर में अस्पतालों की व्यवस्था बदल दी। [emphatic] जब कर्म अपने फायदे के लिए नहीं, बल्कि सही उद्देश्य से किया जाता है, तब उसका फल केवल सफलता नहीं—मन की गहरी शांति भी hoti है। #BhagavadGita #GitaShlok #Shlok2.51 #GitaInHindi #Truth #Reality #Wisdom #LifeLessons #Krishna #Mahakavya BIMAL BANGAR

Discover the context

About this Short

This Mahakavya presentation belongs to the Bhagavad Gita collection and is available in Hindi. Use the related stories below to continue through connected teachings and episodes.

Continue discovering

Related Shorts and stories

2 65 Hindi 2.65 | शांत मन ही सही रास्ता दिखाता है#BhagavadGita #श्लोक265 #शांतमन SHORT 2:17

2 65 Hindi 2.65 | शांत मन ही सही रास्ता दिखाता है#BhagavadGita #श्लोक265 #शांतमन

[thoughtful] भगवद् Gita अध्याय 2, श्लोक 65 प्रसादे सर्वदुःखानां हानिरस्योपजायते। प्रसन्नचेतसो ह्याशु बुद्धिः पर्यवतिष...

2 64 Hindi 2.64 | चीजें आपके Control में हैं या आप उनके?#BhagavadGita #श्लोक264 #SelfControl SHORT 2:06

2 64 Hindi 2.64 | चीजें आपके Control में हैं या आप उनके?#BhagavadGita #श्लोक264 #SelfControl

[thoughtful] भगवद् Gita अध्याय 2, श्लोक 64 रागद्वेषवियुक्तैस्तु विषयानिन्द्रियैश्चरन्। आत्मवश्यैर्विधेयात्मा प्रसादमध...

2 63 Hindi 2.63 | गुस्से में लिया एक फैसला सब बर्बाद कर सकता है#BhagavadGita #श्लोक263 #AngerControl SHORT 2:01

2 63 Hindi 2.63 | गुस्से में लिया एक फैसला सब बर्बाद कर सकता है#BhagavadGita #श्लोक263 #AngerControl

[thoughtful] भगवद् Gita अध्याय 2, श्लोक 63 क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः। स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद...

2. 62 Hindi 2.62 | सोच से लगाव, लगाव से इच्छा, इच्छा से क्रोध#BhagavadGita #श्लोक262 #क्रोध SHORT 2:13

2. 62 Hindi 2.62 | सोच से लगाव, लगाव से इच्छा, इच्छा से क्रोध#BhagavadGita #श्लोक262 #क्रोध

[thoughtful] भगवद् Gita अध्याय 2, श्लोक 62 ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते। सङ्गात्सञ्जायते कामः कामात्क्रोधोऽभ...

2. 61 Hindi 2.61 | इच्छाएँ आपको नहीं, आप इच्छाओं को Control करें#BhagavadGita #श्लोक261 #SelfControl SHORT 2:01

2. 61 Hindi 2.61 | इच्छाएँ आपको नहीं, आप इच्छाओं को Control करें#BhagavadGita #श्लोक261 #SelfControl

[thoughtful] भगवद् Gita अध्याय 2, श्लोक 61 तानि सर्वाणि संयम्य युक्त आसीत मत्परः। वशे हि यस्येन्द्रियाणि तस्य प्रज्ञा...

2. 60 Hindi 2.60 | समझदार व्यक्ति भी इच्छाओं से भटक सकता है#BhagavadGita #श्लोक260 #SelfControl SHORT 1:51

2. 60 Hindi 2.60 | समझदार व्यक्ति भी इच्छाओं से भटक सकता है#BhagavadGita #श्लोक260 #SelfControl

[thoughtful] भगवद् Gita अध्याय 2, श्लोक 60 यततो ह्यपि कौन्तेय पुरुषस्य विपश्चितः। इन्द्रियाणि प्रमाथीनि हरन्ति प्रसभं...

Subscribe to MAHAKAVYA