2. 49 Hindi -केवल परिणाम के लालच में किया गया कर्म छोटा है | Bhagavad Gita Shlok 2.49 in Hindi
श्लोक 2.49 [thoughtful] श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं—केवल फल और अपने फायदे के लिए किया गया कर्म, सही समझ और संतुलित बुद्धि से किए गए कर्म से बहुत छोटा होता है। इसलिए हर निर्णय में अपनी बुद्धि, ईमानदारी और सही उद्देश्य का सहारा लो। जो लोग हर काम केवल पुरस्कार पाने के लिए करते हैं, वे अपने कर्म की असली शक्ति को सीमित कर देते हैं। पैसा, पद और प्रशंसा चाहना गलत नहीं है। लेकिन जब यही हमारे काम का एकमात्र कारण बन जाए, तब हम गुणवत्ता, सिद्धांत और बड़ी जिम्मेदारी से समझौता करने लगते हैं। इसे ई. श्रीधरन के जीवन से समझिए, जिन्हें भारत का “मेट्रो मैन” कहा जाता है। कोंकण रेलवे और दिल्ली मेट्रो जैसे बेहद कठिन कार्यों में उनका ध्यान केवल नाम या व्यक्तिगत लाभ पर नहीं था। उनका उद्देश्य था—काम समय पर पूरा हो, जनता का पैसा सही जगह लगे और व्यवस्था लंबे समय तक अच्छी तरह चले। उन्होंने तेज गति से काम किया, लेकिन सुरक्षा और गुणवत्ता को नजरअंदाज नहीं किया। इसी कारण लोगों ने केवल उनके काम की नहीं, उनकी ईमानदारी और अनुशासन की भी प्रशंसा की। [emphatic] केवल पुरस्कार के लिए काम करेंगे, तो सोच छोटी रह जाएगी। सही समझ और बड़े उद्देश्य के साथ काम करेंगे, तो हमारा कर्म हमसे भी बड़ा बन जाएगा। #BhagavadGita #GitaShlok #Shlok2.49 #GitaInHindi #RightAction #Results #Wisdom #KarmaYoga #Krishna #Mahakavya BIMAL BANGAR
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This Mahakavya presentation belongs to the Bhagavad Gita collection and is available in Hindi. Use the related stories below to continue through connected teachings and episodes.