2. 47 Hindi-आपका अधिकार कर्म पर है, परिणाम पर नहीं | Bhagavad Gita Shlok 2.47 in Hindi
श्लोक 2.47 [thoughtful] श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं—तुम्हारा अधिकार अपने कर्म पर है, उसके फल पर नहीं। इसलिए केवल परिणाम के लालच में काम मत करो। लेकिन यह सोचकर काम करना भी मत छोड़ो कि परिणाम तुम्हारे हाथ में नहीं है। हम मेहनत कितनी करेंगे, तैयारी कैसी होगी और काम कितनी ईमानदारी से करेंगे—यह हमारे हाथ में है। लेकिन अंतिम परिणाम में समय, परिस्थिति, दूसरे लोगों के फैसले और कई ऐसी बातें भी जुड़ी होती हैं, जिन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। इसे Olympic champion अभिनव बिंद्रा से समझिए। Shooting में एक छोटी-सी हलचल भी निशाना बिगाड़ सकती है। अगर वे हर समय केवल medal के बारे में सोचते, तो मैडल पाने का दबाव उनके प्रदर्शन को खराब कर देता। इसलिए उन्होंने वर्षों तक अपनी साँस, शरीर की स्थिति, एकाग्रता और हर shot की प्रक्रिया पर काम किया। हजारों घंटे की तैयारी के बाद उन्होंने 2008 Beijing Olympics में भारत के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। उनके हाथ में medal नहीं था। उनके हाथ में केवल अगला सही shot था। [emphatic] परिणाम की चिंता दबाव बढ़ाती है। अपने कर्म पर ध्यान दीजिए—पूरी तैयारी, ईमानदारी और लगन के साथ। #BhagavadGita #GitaShlok #Shlok2.47 #GitaInHindi #Karma #Action #Results #Success #Krishna #Mahakavya BIMAL BANGAR
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This Mahakavya presentation belongs to the Bhagavad Gita collection and is available in Hindi. Use the related stories below to continue through connected teachings and episodes.