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Short Hindi Bhagavad Gita Sep 29, 2026

2 65 Hindi 2.65 | शांत मन ही सही रास्ता दिखाता है#BhagavadGita #श्लोक265 #शांतमन

[thoughtful] भगवद् Gita अध्याय 2, श्लोक 65 प्रसादे सर्वदुःखानां हानिरस्योपजायते। प्रसन्नचेतसो ह्याशु बुद्धिः पर्यवतिष्ठते॥ [2.65] [thoughtful] यहाँ श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि जब हमारा मन शांत रहता है, तो परेशानियाँ हमें आसानी से विचलित नहीं कर पातीं। जब मन घबराहट, गुस्से और डर से मुक्त होता है, तब बुद्धि ज्यादा साफ तरीके से काम करती है और हम बेहतर फैसले ले पाते हैं। आपने भी महसूस किया होगा—problem जितनी बड़ी होती है, अगर हम उतना ही panic करें, तो सोचने की क्षमता कम होती जाती है। लेकिन उसी situation को अगर शांत मन से देखें, तो रास्ता दिखाई देने लगता है। इसे Captain Chesley “Sully” Sullenberger की एक famous घटना से समझिए। 2009 में उनका passenger plane New York से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद पक्षियों के झुंड से टकरा गया। दोनों engines ने power खो दी। Plane हवा में था और नीचे New York जैसा घना शहर। अब सोचिए—ऐसे समय panic होना कितना आसान था। लेकिन Captain Sully शांत रहे। उनके पास फैसला लेने के लिए केवल कुछ मिनट थे। उन्होंने तुरंत देखा कि क्या plane को वापस LaGuardia Airport या किसी दूसरे nearby airport तक पहुँचाया जा सकता है। जल्दी ही उन्हें समझ आ गया कि plane के पास इतनी ऊँचाई और समय नहीं था कि वह safely किसी airport तक पहुँच सके। उन्होंने तुरंत Hudson River पर emergency landing करने का फैसला किया। Crew को तैयार किया, passengers को brace करने को कहा और बहुत control के साथ plane को नदी पर उतार दिया। Plane में मौजूद सभी 155 लोग बच गए। [emphatic] यही इस श्लोक की सीख है—शांत मन problem को गायब नहीं करता, लेकिन problem से निकलने के लिए हमारी बुद्धि को साफ कर देता है। कठिन समय में सबसे पहली जरूरत है—अपना मन संभालना। #BhagavadGita #Gita #BhagavadGitaQuotes #GitaGyan #GitaWisdom #Krishna #LordKrishna #KrishnaVani #GeetaGyan #Chapter2 #Shloka65 Bimal Bangar

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