2.02 Hindi भगवद् Gita अध्याय 2 श्लोक 2 | संकट के समय यह कमजोरी क्यों?
कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में श्री कृष्ण अर्जुन से पूछते हैं कि इतने कठिन और महत्वपूर्ण समय में उसके मन पर कमजोरी और उलझन कैसे हावी हो गई। भगवद् Gita अध्याय 2 श्लोक 2 में श्री कृष्ण अर्जुन का अपमान नहीं कर रहे हैं। वे उसे उसके साहस, जिम्मेदारी और असली शक्ति की याद दिला रहे हैं। अर्जुन महान योद्धा था, लेकिन भावनाओं के कारण उसकी सोच साफ नहीं रही। यह श्लोक हमें सिखाता है कि कठिन समय में ही हमारे असली साहस की परीक्षा होती है। मन में डर आना स्वाभाविक है, लेकिन डर को अपने निर्णय पर हावी नहीं होने देना चाहिए। संकट के समय हमें अपनी शक्ति याद रखकर जिम्मेदारी का सामना करना चाहिए। BIMAL BANGAR हैशटैग: #भगवदGita #Gita #अध्याय2 #श्लोक2 #श्रीकृष्ण #अर्जुन #जीवनकीसीख #साहस #प्रेरणा #GitaWisdom #mahakavya
Discover the context
About this Short
This Mahakavya presentation belongs to the Bhagavad Gita collection and is available in Hindi. Use the related stories below to continue through connected teachings and episodes.