2.01 Hindi भगवद् Gita अध्याय 2 श्लोक 1 | जब आँसुओं में डूब गया महान योद्धा अर्जुन
कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में अर्जुन गहरे दुख में डूब चुका था। अपने गुरु, रिश्तेदारों और प्रियजनों को सामने देखकर उसकी आँखें आँसुओं से भर गईं और वह सही तरीके से सोच नहीं पा रहा था। भगवद् Gita अध्याय 2 श्लोक 1 बताता है कि मजबूत से मजबूत व्यक्ति भी कठिन भावनात्मक परिस्थिति में कमजोर पड़ सकता है। इसी समय श्री कृष्ण अर्जुन को स्पष्ट सोच, साहस और सही निर्णय की ओर ले जाना शुरू करते हैं। यह श्लोक हमें याद दिलाता है कि दुखी होना स्वाभाविक है, लेकिन जब भावनाएँ मन पर पूरी तरह हावी हों, तब कोई बड़ा निर्णय नहीं लेना चाहिए।
Discover the context
About this Short
This Mahakavya presentation belongs to the Bhagavad Gita collection and is available in Hindi. Use the related stories below to continue through connected teachings and episodes.